बरकत

विद्यार्थी जीवन, विशेषतः काॅलेज के जमाने की स्मृतियाँ आज भी मेरे जीवन की अमूल्य थाती है। काॅलेज सेे पहले मैं उदयपुर की मिशनरी स्कूल ‘सेंट पाॅल’ में पढ़ता था जहां विद्यार्थियों को फादर के कड़े अनुशासन में रहना…

प्रेत-पितर

मंझली भाभी सीमा हमारे परिवार की सबसे शक्तिशाली सदस्या थी , उसे कुछ भी कहने का साहस किसी में नहीं था। परिवार में उसका एक विःशेष स्थान एवं हैसियत थी, उसका आदेश हर कोई शिरोधार्य करता। मजाल कोई…

इन्साफ

वीर मौहल्ला, गंगानगर, में गंगूबाई एक शख्सियत से कम न थी। उसके काम का कोई जवाब नहीं, जहाँ काम करती, उस घर से प्रशंसा पाती। यही उसके जीवन की उपलब्धि थी। जवानी पूरी बीत गई, पचास से ऊपर…

ऑर्केस्ट्रा

हाथ की सभी अंगुलियाँ हाथ को समान शक्ति देती है फिर भी दुनिया शायद ठीक कहती है कि हाथ की सभी अंगुलियाँ बराबर नहीं होती। भानुप्रकाश व्यास वैसे तो अपनी तीनों सन्तानों से बहुत प्यार करते थे परन्तु…

पहला सुख

पटेल चैराहा, जोधपुर पर हर सुबह मजदूरों का हुजूम लगा होता। नित्य सैकड़ों मजदूर वहाँ आकर अलग-अलग झुण्डों में खड़े हो जाते। पत्थर के काम करने वाले, रंग-रोगन वाले, फर्श बनाने वाले, सफाई करने वाले एवं अन्य अनेक…

मायातीत

कृष्णसहायजी ने पत्नी भागवंती के शव को कंधा दिया तो उनकी रूह काँप उठी। जीवन का कोई बोझ उन्हें इतना भारी नहीं लगा। जीवन में कठोर संघर्ष कर आज वे उस मुकाम पर थे, जहां उनके पास अकूत…